कौन होते हैं निहंग और इन पर किसका होता है नियंत्रण?
निहंग सिखों का एक पारंपरिक योद्धा संप्रदाय है। 1699 में दसवें सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह द्वारा स्थापित खालसा पंथ से इन्हें जोड़ा जाता है। इन्हें 'गुरु दी लाडली फौज' कहा जाता है। निहंग का अर्थ 'निडर/निर्भीक' व्यक्ति से है और ये योद्धा मुगलों के अत्याचार के खिलाफ सबसे पहले खड़े हुए थे। निहंग पर किसी का नियंत्रण नहीं है।