मनोवैज्ञानिक डॉक्टर अविनाश के मुताबिक, जब हम जागते हैं तो हमारा मस्तिष्क तुरंत वास्तविकता की ओर बढ़ जाता है जिससे सपनों की स्मृति धुंधली पड़ने लगती है। बकौल अविनाश, सपने याद न रहने का एक कारण यह भी है कि मस्तिष्क के कुछ हिस्से, जैसे कि हिप्पोकैंपस (जो स्मृतियों को संग्रहीत करता है) नींद के दौरान कम सक्रिय होते हैं।