कंसल्टेंट साइकैट्रिस्ट डॉ. इरा दत्ता ने 'इंडिया टुडे' से कहा है, "जेनेटिक कारणों, भूख, नींद की कमी, थकान जैसे साइकोलॉजिकल कारण, हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड, ब्लड शुगर लेवल बढ़ने और ब्रेन इंजरी के कारण ज़्यादा गुस्सा आ सकता है।" उन्होंने कहा, "पुराने ट्रॉमा, सहनशक्ति कम होने के अलावा शोर, गर्मी और यातायात...जैसी चीज़ों के कारण भी लोगों को गुस्सा आता है।"