क्यों कुछ लोग अपने दिमाग में बार-बार दोहराते रहते हैं बातचीत?
फ्लोरिडा में थेरेपिस्ट जेफरी मेल्टज़र ने बताया है, "हम दिमाग में बातचीत बार-बार इसलिए दोहराते हैं...क्योंकि दिमाग आश्वस्त होना चाहता है।" उन्होंने कहा, "दिमाग जानना चाहता है कि सामने वाले ने हमारे बारे में क्या सोचा...हमने गलत तो नहीं कहा/किया...गलत प्रभाव तो नहीं पड़ा...दिमाग ऐसे सवालों को जवाब के बिना नहीं छोड़ता क्योंकि वह समस्या सुलझाने के लिए बना है।"