न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. केसी मीन्स ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि धीरे-धीरे खाना खाने वालों में मेटाबोलिक सिंड्रोम होने की आशंका 4 गुना कम होती है। एक रिसर्च के अनुसार, जल्दी-जल्दी खाने से ग्लूकोज़ टॉलरेंस और इंसुलिन रिज़िस्टेंस घटता है। धीरे खाने वालों को तृप्ति तेज़ी से मिलती है जिससे कैलोरी इनटेक कम करने में मदद मिलती है।