धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सुभद्रा ने जब द्वारका से बाहर जाने की इच्छा जताई तब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) गए। वे वहां कुछ दिनों तक विश्राम करने के बाद बहुदा यात्रा के माध्यम से वापस श्रीमंदिर लौट गए। इसी प्रेम की स्मृति में यह यात्रा निकाली जाती है।