क्यों पाकिस्तान ने रक्षा समझौते के बावजूद सऊदी अरब पर हूतियों के हमले के बाद दखल नहीं दिया?
हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी तेल कंपनी 'अरामको' और अन्य एनर्जी-फैसिलिटीज़ पर हमले के बाद सऊदी अरब-पाकिस्तान-तुर्किए रक्षा समझौता चर्चा में है। समझौते के तहत एक देश पर हमला सभी पर हमला माना जाता है, लेकिन ऐसी स्थिति में क्या सैन्य कार्रवाई होनी चाहिए इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं है। यही अस्पष्टता पाकिस्तान को अपनी प्रतिक्रिया तय करने की छूट देती है।