भारत में ATM की संख्या मार्च 2024 के 2,18,815 से घटकर जुलाई 2026 में 2,09,812 रह गई। इसकी मुख्य वजह डिजिटल पेमेंट है। UPI के तेज़ी से बढ़ते इस्तेमाल ने रोज़मर्रा के भुगतान के लिए नकदी पर निर्भरता घटाई है। कैश निकालने की मात्रा कम होने से बैंकों के लिए ATM को बनाए रखना महंगा हो गया है।