शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया है, "जब भगवान विष्णु-ब्रह्मा में श्रेष्ठता के लिए संघर्ष हुआ तो निर्धारण के लिए भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में आए...आकाशवाणी हुई...जो इसके ओर-छोर का पता लगाएगा...वही श्रेष्ठ है।" उन्होंने बताया, "विष्णुजी ने कहा- यह अनंत है...ब्रह्माजी ने कहा- हमने तो इसका अंत देख लिया तो शिव ने उनका झूठ पकड़ा...कहा-'आप पूजनीय नहीं रहेंगे'।"