देश का बजट पहले राष्ट्रपति भवन में छपता था लेकिन 1950 में बजट लीक होने के बाद इसकी छपाई नई दिल्ली के मिंटो रोड स्थित प्रेस में होने लगी। हालांकि, 1980 में वित्त मंत्रालय में प्रिंटिंग प्रेस लगने के बाद बजट यहीं छपता है। इसकी छपाई से जुड़े कर्मचारी हलवा सेरेमनी से लेकर बजट पेश होने तक यहीं रहते हैं।