क्यों मनाई जाती है अक्षय नवमी और क्या है इसकी पूजा विधि?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, अक्षय नवमी (आंवला नवमी) पर भगवान विष्णु ने दैत्य कुष्मांड का वध कर धर्म की स्थापना की थी। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध करने से पहले वृंदावन की परिक्रमा की थी। इस दिन आंवले के पेड़ पर कच्चा दूध चढ़ाकर दीपक जलाना चाहिए और पेड़ की 7-बार परिक्रमा करनी चाहिए।