क्या आप भी कैश में देते हैं मकान का किराया? आयकर विभाग से आ सकता है नोटिस
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किराया देने के लिए लोग मकान-मालिक को कैश भुगतान करने से बचें और डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करें। बकौल एक्सपर्ट्स, कैश भुगतान का कोई रिकॉर्ड नहीं रहता जिस कारण आयकर विभाग से नोटिस मिलने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, नोटिस आने पर रेंट अग्रीमेंट, भुगतान रसीद व मकान-मालिक के पैन-कार्ड की जानकारी देनी पड़ती है।