क्या डायबिटीज़ के मरीज़ खा सकते हैं मक्के की रोटी? जानें क्या कहता है शोध
इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्राइनोलॉजी ऐंड मेटाबॉलिज़्म में प्रकाशित शोध के अनुसार, सफेद चावल और रिफाइंड गेहूं जैसे हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अनाज की जगह मक्का जैसे मध्यम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले अनाज खाने से ग्लाइसेमिक कंट्रोल सुधरता है। मक्के की रोटी में डाइटरी फाइबर ज़्यादा होता है जिससे खून में इसका अवशोषण धीमा होता है और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।