1 फरवरी 1981 को मेलबर्न में न्यूज़ीलैंड को अंतिम गेंद पर वनडे मैच जीतने के लिए 7 रन चाहिए थे और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ग्रेग चैपल ने भाई ट्रेवर चैपल से अंडरआर्म गेंद (गेंद को लुढ़काते हुए फेंकना) फिंकवाई थी। इस पर बल्लेबाज़ ने गुस्से में आकर बल्ला फेंक दिया था। इसके बाद अंडरआर्म बॉलिंग पर बैन लगाया गया था।