भारत में कर्ज़ या किसी कानूनी देनदारी के भुगतान के लिए जारी किया गया चेक अगर बाउंस होता है तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। चेक बाउंस होने के बाद नोटिस भेजा जाता है और भुगतान का मौका दिया जाता है। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर दोषी को 2-साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सज़ा हो सकती हैं।