फेसबुक और गूगल जैसे क्लाइंट्स संग काम करने वाली मार्केटिंग फर्म 'कॉक्स मीडिया ग्रुप' के मुताबिक, स्मार्टफोन्स लोगों की बातें सुनते हैं। बकौल फर्म, स्मार्टफोन्स में मौजूद ऐक्टिव लिसनिंग टेक्नोलॉजी की मदद से एआई यूज़र्स का रियल-टाइम डेटा इकट्ठा कर उसका विश्लेषण करता है। इससे मिले डेटा का इस्तेमाल यूज़र्स को टारगेट करने और ऐड दिखाने के लिए होता है।