दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान उन्हें जरूरी पोषक तत्व जबरन देने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने ऐसा आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने सिर्फ स्वास्थ्य पर नज़र रखने और ज़रूरत पर इलाज सुनिश्चित करने को कहा। भारतीय कानून में सक्षम वयस्क को जबरन खाना खिलाने पर स्पष्ट प्रावधान नहीं है।