जनरल मेडिसिन में एमडी डॉ. शिव कार्तिक रेड्डी के मुताबिक, 72 घंटे की फास्टिंग से डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट डिस्बैलेंस और ब्लड शुगर लेवल लो हो सकता है जिससे सिरदर्द हो सकता है व चक्कर और बेहोशी आ सकती है। वहीं, इसके फायदों में ऑटोफैगी (डैमेज कोशिकाओं का हटना और नई कोशिकाओं का बनना), दिमागी क्लैरिटी आना और वज़न घटना शामिल हैं।