क्या हैं PSU के लिए 'नवरत्न' दर्जा हासिल करने की शर्तें और फायदे?
सार्वजनिक उपक्रम को 'नवरत्न' बनने से पहले 'मिनीरत्न' होना चाहिए। वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ लगातार तीन साल तक कम-से-कम ₹5,000 करोड़ और औसत वार्षिक कारोबार ₹25,000 करोड़ होना चाहिए। 'नवरत्न' कंपनी सरकारी मंज़ूरी के बिना ₹1000 करोड़ तक का निवेश कर सकती है और वह जॉइंट वेंचर/अलांयस बनाने के साथ ही विदेशी सहायक इकाइयां भी स्थापित कर सकती है।