क्या है गाली के तौर पर मिडल फिंगर दिखाए जाने के पीछे की कहानी?
'बीबीसी' की रिपोर्ट के मुताबिक, 400 ईसा-पूर्व के आसपास रोम में मिडल फिंगर दिखाना धमकी और जननांग की नकल का सूचक था। आगे चलकर विख्यात नाटककार एरिस्टोफेनस ने अपने नाटक ‘द क्लाउड’ में एक पात्र को नीचा दिखाने के लिए मिडल फिंगर का इस्तेमाल किया। इसके बाद यूरोप और अन्य देशों में मिडल फिंगर गाली की तरह इस्तेमाल होने लगा।