30 दिन की बचत का नियम आवेग में होने वाले खर्च को नियंत्रित करने का प्रभावी तरीका है। इसमें खरीदने की इच्छा होने पर वस्तु का नाम, उसकी कीमत और तारीख लिख ली जाती है और 30 दिनों तक इंतज़ार किया जाता है। अधिकतर मामलों में इस अवधि के दौरान खरीदने की इच्छा कम हो जाती है।