क्या है पति के खिलाफ केस लड़ने वाली पहली मुस्लिम महिला शाहबानो की कहानी?
शाहबानो के पति ने 1978 में उन्हें तीन तलाक देने के बाद गुज़ारा भत्ता देने से इनकार कर दिया था। शाहबानो ने गुज़ारा भत्ता के लिए ज्यूडिशियल कोर्ट का रुख किया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 1985 में सुप्रीम कोर्ट ने शाहबानो के हक में फैसला सुनाते हुए उनके पूर्व पति को ₹500/महीना गुज़ारा भत्ता देने का फैसला सुनाया।