भाई दूज को लेकर पौराणिक मान्यता है कि यमुना ने भाई यमराज को घर आने का न्यौता दिया था जिसके बाद यमराज उनके घर पहुंचे थे। मान्यता है कि यमुना के स्वागत से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को वरदान दिया था कि इस दिन जो बहनें भाई को तिलक लगाएंगी, उनके भाई को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।