इंटरनैशनल एटॉमिक टाइम और पृथ्वी के रोटेशन के अंतर के समायोजन के लिए यूटीसी में 0.9 सेकेंड जोड़ा/घटाया जाता है जिसे लीप सेकेंड कहते हैं। भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी भूगर्भीय घटनाओं के चलते पृथ्वी के रोटेशन की गति अलग हो सकती है इसलिए ऐसा करना ज़रूरी होता है। गौरतलब है, 2024 में यूटीसी में लीप सेकेंड नहीं जोड़ा जाएगा।