क्या है सेना का 'NOK' क्राइटेरिया जिसमें बदलाव की शहीद कैप्टन के माता-पिता ने की है मांग?

शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता ने सेना के 'निकटतम परिजन'/'एनओके' क्राइटेरिया में बदलाव की मांग की है क्योंकि बहू उनके साथ नहीं रहती। एनओके (नेक्स्ट ऑफ किन), कानूनी उत्तराधिकारी होते हैं जिन्हें जवान के शहीद होने पर अनुग्रह राशि व अन्य लाभ मिलते हैं। जवान की शादी के बाद माता-पिता की जगह जीवनसाथी को 'एनओके' का दर्जा मिलता है।

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