हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, लगातार 24 घंटे न सोने से चिड़चिड़ापन, निर्णय लेने में समस्या, चीज़ें भूलना, कंपन और मांसपेशियों में तनाव हो सकता है। 36 घंटे न सोने से शरीर का तापमान प्रभावित और हॉर्मोनल इम्बैलेंस हो सकता है। 72 घंटे तक जागने से हलूसिनेशन, घबराहट, डिप्रेशन और सोचने-समझने व काम करने में समस्याएं हो सकती हैं।