क्या होता है 'डिजिटल अरेस्ट' जिसके चलते यूपी की डॉक्टर को गंवाने पड़े ₹2.81 करोड़?
'डिजिटल अरेस्ट' साइबर क्राइम का तरीका है जिसमें ठग फर्ज़ी ईडी, सीबीआई, कस्टम या पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को यकीन दिलाते हैं कि उनके निजी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है। ठग बातों में उलझाकर उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। दरअसल, 7 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर यूपी की एक डॉक्टर से ₹2.81 करोड़ ठगे गए हैं।