एसीबी-लोकायुक्त रिश्वतखोर कर्मचारियों-अधिकारियों को पकड़ने के लिए खास केमिकल का इस्तेमाल करते हैं जिसे 'फिनॉल्फ्थेलीन' कहा जाता है। जांच अधिकारी सीरियल नंबर दर्ज कर नोटों पर केमिकल की पतली परत लगा देते हैं जो रिश्वत लेने वाले की उंगलियों-हथेलियों पर चिपक जाता है। बाद में सोडियम कार्बोनेट के घोल में आरोपी के हाथ डुबोने पर पानी रंगीन हो जाता है।