क्या होता है आशूरा, क्यों इस दिन शिया मुसलमान मनाते हैं मातम?
इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम के 10वें दिन को यौम-ए-आशूरा कहा जाता है। इस दिन हज़रत मोहम्मद (सल्लाहो अलैहे वस्सलम) के नवासे (नाती) हज़रत इमाम हुसैन को यज़ीद की सेना ने शहीद किया था इसलिए शिया मुसलमान इस दिन मातम मनाते हैं और जुलूस निकालते हैं। वहीं, सुन्नी मुसलमान आशूरा के दिन रोज़ा रखकर विशेष नमाज़ अदा करते हैं।