क्या होता है नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ और किन लोगों को रहता है इससे खतरा?

शराब न पीने के बावजूद लिवर में फैट जमने को नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ कहते हैं। शुरुआती स्टेज पर यह खतरनाक नहीं होता लेकिन ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकता है। एनएचएस के मुताबिक, 50 से अधिक उम्र वाले, मोटापे, टाइप-2 डाइबिटीज़, अंडरऐक्टिव थायरॉइड, हाई बीपी, कॉलेस्ट्रोल व पीसीओएस से ग्रस्त लोगों को इसका खतरा अधिक होता है।

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