क्या होती है सेकेंड हैंड स्मोकिंग और क्या हैं इसके खतरे?
सेकेंड हैंड स्मोकिंग का मतलब धूम्रपान करने वाले लोगों द्वारा छोड़े गए धुएं को सांसों के ज़रिए शरीर के अंदर लेने से है। अमेरिकी संस्था सीडीसी के अनुसार, यह धूम्रपान न करने वाले वयस्कों में गंभीर हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है। वहीं, इसके संपर्क में आने वाले बच्चों में कई जोखिम बढ़ जाते हैं।