किराएदार ने अगर वैध किरायानामा पर साइन किया है तो वह संपत्ति पर दावा नहीं कर सकता: SC
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी किराएदार ने किरायानामा पर दस्तखत कर संपत्ति को किराए पर लिया है तो वह दशकों तक किराया भरने के बावजूद असल मालिक के मालिकाना हक को चुनौती नहीं दे सकता। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक दुकान पर 1953 में शुरू हुए 7 दशक पुराने मालिक-किराएदार विवाद पर फैसला सुनाते हुए की।