किराएदार संपत्ति पर दावा ना ठोके इसके लिए मकान मालिकों को कौन-कौनसे कदम ज़रूर उठाने चाहिए?
लिमिटेशन ऐक्ट-1963 के तहत लगातार 12 साल तक रहने के बाद किराएदार उस संपत्ति पर 'प्रतिकूल कब्ज़े' के आधार पर दावा कर सकता है। इससे बचने के लिए मकान मालिकों को रेंट अग्रीमेंट ज़रूर बनवाना चाहिए और लगातार लंबे समय तक के लिए किसी किराएदार को रखने से बचना चाहिए। वहीं, पानी-बिजली बिल सहित सभी भुगतान खुद से करने चाहिए।