कार खरीदने वालों को सिर्फ कम EMI के आधार पर लोन नहीं चुनना चाहिए क्योंकि लंबे अवधि वाले लोन में कुल ब्याज बढ़ सकता है। अलग-अलग लेंडर्स की ब्याज दरों और चार्जेज़ की तुलना करनी चाहिए और प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्जेज़, इंश्योरेंस से जुड़े खर्च, प्रीपेमेंट और फोरक्लोज़र चार्जेज़ की जांच करनी चाहिए। वहीं, कम डाउन पेमेंट से बचना चाहिए।