कैसे एक दर्जी ने ₹78,000 करोड़ वाली 'पार्ले प्रोडक्ट्स' कंपनी शुरू की और कैसे पड़ा यह नाम?
मुंबई में दर्जी का काम करने वाले मोहनलाल दयाल चौहान ने व्यवसाय में नुकसान के बाद बेकरी शुरू की थी जो बिस्किट/कन्फेक्शनरी कारोबार में बदल गई। 1929 में स्थापित कंपनी का नामकरण 'विले पार्ले' इलाके के नाम पर हुआ। गौरतलब है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी देने के बाद ब्रैंड चर्चा में है।