चीन को पछाड़कर भारत के राइस किंग बनने में ताइवान की बौने धान की प्रजाति 'ताइचुंग नेटिव-1' का महत्वपूर्ण योगदान है। 'इंडिया टुडे' के मुताबिक, 1968 में धान की IR-8 किस्म (मिरेकल राइस) आई। इसके बाद 'ताइचुंग नेटिव-1' से ब्रीडिंग कर 'जया' नामक धान तैयार किया गया। फिर पूसा बासमती-1121 समेत धान की कई किस्मों ने भारत को आगे किया।