पीआईबी फैक्टचेक के मुताबिक, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनी तस्वीरों में हाथों की उंगलियों की संख्या सही ना होना, छाया/प्रकाश का असामान्य दिखना और आंख, कान या नाक में विकृति हो सकती है। गुरुत्वाकर्षण के हिसाब से नहीं दिखने वाली चीज़ों, टेक्स्ट की विसंगति और त्वचा/बाल/कपड़ों के टेक्सचर में असामान्यताओं से एआई जेनरेटेड तस्वीरों का पता लगाया जा सकता है।