कैसे हुई सेक्स रैकेट चलाने वाली लोला की गिरफ्तारी?
'आज तक' के अनुसार, 7-अगस्त को तुर्कमेनिस्तान की एक महिला इलाज़ के लिए लखनऊ के मिनर्वा क्लिनिक पहुंची थी और लोला ने अपना भारतीय पहचान पत्र (आधार कार्ड) रेफरेंस के तौर पर लगा दिया। क्लिनिक स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना एफआरआरओ (फॉर्नर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस) को दी जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर सेक्स रैकेट चलाने वाली लोला को पकड़ लिया।