ब्रिटिश काल से पहले मुंबई के माहिम द्वीप पर राजा भीमदेव का शासन था। भीमदेव को जब कोई चुनौतीपूर्ण काम करवाना होता था तब वह योद्धाओं को दावत पर बुलाते थे और जो भी योद्धा थाली में रखी सुपारी को उठाता था उसे वह काम सौंप दिया जाता था। इसके बाद यह चलन अंडरवर्ल्ड के रास्ते देशभर में फैल गया।