कमाई तगड़ी पर बचत ज़ीरो! क्या आप भी फंस चुके हैं 'लाइफस्टाइल क्रीप' के मायाजाल में?
सैलरी बढ़ने या कोई पुराना कर्ज़ खत्म होने पर मिलने वाले अतिरिक्त पैसों को बचाने के बजाय नए और गैर-ज़रूरी सुख-साधनों पर खर्च करना 'लाइफस्टाइल क्रीप' कहलाता है। ऐसे में इन-हैंड सैलरी के अनुरूप बजट बनाना चाहिए, फिक्स्ड खर्चों की लिस्ट बनाएं, लाइफस्टाइल अपग्रेड करने से पहले 2 बार सोचें, पहले बचत करें फिर खर्च करें और इमरजेंसी फंड बनाएं।