'इलेक्शन स्ट्रेस डिसऑर्डर' शब्द अमेरिकी थेरेपिस्ट स्टीवन स्टोसनी ने ईजाद किया था। इसके लक्षणों में सोशल मीडिया को बार-बार रिफ्रेश करना, न्यूज़ अलर्ट्स पढ़ना और मतदान के प्रति गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया होना शामिल है। वहीं, 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि राजनीतिक समाचारों के लगातार संपर्क में रहने से थकान महसूस हो सकती है।