क्या है कोणार्क चक्र का महत्व जिसे जी20 में मेहमानों के स्वागत के समय किया गया प्रदर्शित?
जी20 समिट में विदेशी मेहमानों के स्वागत के समय बैकग्राउंड में ओडिशा का कोणार्क चक्र दिखाया गया। 13वीं शताब्दी में राजा नरसिम्हादेव-प्रथम के शासनकाल में निर्मित यह चक्र समय, कालचक्र, प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक है। 24-तीलियों वाले चक्र को राष्ट्रीय ध्वज में भी अपनाया गया जो भारत के प्राचीन ज्ञान, उन्नत सभ्यता और वास्तुशिल्प श्रेष्ठता को दर्शाता है।