सतलुज नदी में मिली दुर्लभ धातु टैंटलम हाइली करोज़न-रेज़िस्टेंट है और प्योर फॉर्म में इससे पतले तार बनाए जा सकते हैं। यूएस के ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस धातु पर 150°C से कम तापमान पर केमिकल अटैक का असर नहीं पड़ता और सिर्फ फ्लोराइड आयन, फ्री सल्फर ट्राइऑक्साइड युक्त अम्लीय घोल और हाइड्रोफ्लोरिक ऐसिड इसे नुकसान पहुंचा सकता है।