आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से गट हेल्थ प्रभावित होने के साथ-साथ मेटाबॉलिक डिसऑर्डर्स बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साइड इफेक्ट्स में कार्डियोवस्क्यूलर हेल्थ पर प्रभाव पड़ना, वज़न बढ़ने का खतरा, पाचन क्रिया में दिक्कत होना और मीठी चीज़ों की इच्छा बढ़ना शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने वज़न नियंत्रित करने के लिए नॉन-शुगर स्वीटनर्स का इस्तेमाल ना करने की सलाह दी है।