एनएचएस के मुताबिक, क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ वाले कई लोगों में लक्षण नहीं दिखते क्योंकि यह आमतौर पर तब तक परेशान नहीं करता जब तक यह एडवांस स्टेज तक नहीं पहुंच जाता। इसके लक्षणों में वज़न घटना, टखनों/पैरों/हाथों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, थकान, पेशाब में खून आना, अनिद्रा, खुजली, मांसपेशियों में ऐंठन और पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन शामिल हैं।