क्या हैं समलैंगिक विवाह मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की मुख्य बातें?
सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय पीठ ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने से इनकार कर सर्वसम्मति से कहा कि शादी संविधान के तहत मौलिक अधिकार नहीं है। जजों ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम-1954 को बदलने के लिए जेंडर न्यूट्रल शब्द इस्तेमाल करना असंभव है। सीजेआई क्वीर कपल को बच्चा गोद लेने का अधिकार देने के पक्ष में थे।