चीनी अर्थव्यवस्था में सुस्ती (अपस्फीति) आ गई है जिसका अर्थ वस्तुओं और सेवाओं की सामान्य कीमतों में कमी होना है। इस स्थिति में उपभोक्ता अपने पैसे से ज़्यादा खरीदारी कर सकते हैं लेकिन इससे व्यवसायों का मुनाफा कम हो सकता है। इससे बेरोज़गारी बढ़ सकती है क्योंकि लागत में कटौती करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है।