हिंदू धर्म में प्राण प्रतिष्ठा एक अनुष्ठान है जिसमें 'प्राण' शब्द का अर्थ जीवन शक्ति जबकि 'प्रतिष्ठा' शब्द का अर्थ स्थापना है। इसके तहत भगवान की मूर्ति में प्राण शक्ति का संचार किया जाता है। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान पुजारी वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अनुष्ठान करते हैं और इसके अंतिम चरण में मूर्ति की आंखों से पट्टी खोली जाती है।