नींद में हमें कई आवाज़ें सुनाई देती हैं तो खर्राटें क्यों नहीं?
नींद के समय मस्तिष्क में थैलेमस नामक हिस्सा फिल्टर की तरह काम करता है। सोते समय थैलेमस अनजान आवाज़ों को हाई-प्रायोरिटी वाले सिग्नल के रूप में देखता है जबकि खर्राटे शरीर से पैदा होते हैं इसलिए वह इन्हें सुरक्षित मानकर नज़रअंदाज़ करता है। नींद में मांसपेशियां ढीली पड़ने से सांस की नली संकरी हो जाती है, जिससे कंपन होता है और खर्राटे आते हैं।