गुजरात के नमक का काम करने वाले मज़दूरों के मौत के बाद भी चिता में नहीं जलते पैर
गुजरात में अगरिया समुदाय के लोग साल के 9 महीने नमक के खेतों में कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। नमक के कारण इनका शरीर कठोर बन जाता है और पैरों पर मोटी परत जम जाती है जिससे मरने के बाद इनके पैर चिता में नहीं जलते। इनके शवों को नमक में दबाया या दोबारा अग्नि में डाला जाता है।